फंस गया अलफांसे

phas gaya alphaseयह कथानक लिखते वक़्त विकास का रौद्र रूप, अल्फाँसे के पैंतरे , सिंगही का सिंहनाद
और नुसरत-तुगलक के लटके-झटके वेद प्रकाश शर्मा के दिमाग से कूदकर कागज पर नाच उठे ।

भस्मासुर

bhasmasurविकास को लड़की से प्यार हो गया ! विजय ने उस लड़की को मार
डाला और तब-विकास विजय के खून का प्यासा हो गया यानी आपने ही
निर्माता को भस्म करने निकल पड़ा |

कफ़न तेरे बेटे का

kafan tere bete kaअलफांसे ने रैना को कपडे का १ टुकड़ा देते हुए कहा — “बहुत जल्द तेरा बेटा मरने वाला है और ये उसका कफ़न है ।” ऐसे क्या हालात बने कि अलफांसे जैसे शख्स को अपने सबसे प्यारे शिष्य विकास को मार डालने की सौगंध खानी पड़ी और क्या उसने सचमुच ऐसा कर दिखाया ?

अलफांसे की शादी

alfase ki shadiबड़ा दिलचस्प उपन्यास है ये । उस किरदार की शादी हो रही थी जो शादी के नाम से ही भागता था और बाराती थे – सरे संसार के अपराधी और हर देश के चाटे हुए जासूस । विजय विकास भी उनमे शामिल थे । ये सचमुच की शादी थी या कोहिनूर हीरे को उड़ने का प्लान ।

धर्मयुद्ध

dhramyudhएक देश की युवा पीढ़ी अपने देश की आजादी के लिए ठीक उसी तरह लड़ रहे थे जैसे कभी हमारे देश में चंद्रशेखर आज़ाद और भगत सिंह आदि लड़े थे । विकास उनकी तरफ था और विजय उनकी जो देश को गुलाम बनाये हुए थे । क्या अंत हुआ विजय विकास के धर्म युद्ध का ?

दूध ना बख्शूंगी

रैना ने कहा था यह । वो भी विकास से । ऐसे क्या हालत बने रैना को अपने बेटे से यह कहना पड़ा । विकास से क्या करना चाहती थी वह और क्या विकास ने वह किया ? या अपनी ही माँ के खिलाफ खड़ा हो गया ये लड़का ।